सुविचार 3956
हमारी नियति को गढ़ने के लिये मन ही एकमात्र उपलब्ध साधन है.
हमारी नियति को गढ़ने के लिये मन ही एकमात्र उपलब्ध साधन है.
_अगर वो सच में आपकी Care करते हैं तो खुद Time निकाल लेंगे.
अपनी आमदनी से जीविका चलाना और निर्भय होकर रहना, यही इंसान के सुख हैं.