सुविचार 3837
कीमतें भी उनकी ही गिरती हैं, जो मँहगे होते हैं, इसीलिए गिरने के बाद आप स्वयं को सस्ता न समझें,
परंतु उपाय करें कि स्वयं को फिर से महँगा कैसे किया जाए.
परंतु उपाय करें कि स्वयं को फिर से महँगा कैसे किया जाए.
_तो हम और अधिक परेशानियों-कष्टों की तलाश क्यों करें ?
_ क्योंकि समय बदलना सिखाता है रुकना नहीं.
_ धीमी गति से ही सही मगर खुशी की बात है काम जारी है..
लेकिन गुंज जिंदगी भर सुनाई देती है…