सुविचार 4085
जब ह्रदय संतुष्ट हो तो मन अंतर्दृष्टि, स्पष्टता और विवेक प्राप्त करता है.
_ताकि वो अपनी सारी समस्याओं को भूल कर ये सोचे कि _आखिर ये था कौन..
_हम अपने कर्म का सिद्धांत क्यों बिगाड़ रहे हैं ?
_ आदमी नीचा हो जाए तो समस्या है, बाक़ी पसंद अपनी-अपनी.!!
_ यदि आप किसी से नाराज़ होंगे तो लोग आप को छोड़ना पसंद करेंगे, मनाना नहीं !!
_जो हकीकत और ख़्वाब के बीच होता है..!!
_ दूसरे द्वारा प्रमाणित सच्चाई में, खोट का खतरा खड़ा रहता है “
_ क्योंकि वह आपकी अच्छाई में भी खोट निकाल ही देगा.
_ बल्कि कभी-कभी आपकी अच्छाई भी वजह बन जाती है इस नापसंदगी की..!!