सुविचार 3933
जितनी कम उम्मीदें होंगी, उतना ही सुखद सफर होगा.
जितनी कम उम्मीदें होंगी, उतना ही सुखद सफर होगा.
हम उम्मीद दूसरों से ही क्यों करते हैं ;
_उम्मीद करनी ही न पड़े खुद ऐसा क्यों नहीं बनते !!
_उम्मीद करनी ही न पड़े खुद ऐसा क्यों नहीं बनते !!
_ एक चम्मच दही पूरे बर्तन के दूध को जमा सकता है..!!
_जब हालात बदलते हैं तो लोगों के बोल बदल जाते हैं.
बल्कि स्वयं में परिवर्तन लाने के लिए अपनी ओर मोड़ दें.