सुविचार 3885

कैसे कहूं के तूने सताया है जिंदगी,

पर इतना सीखाया के मालामाल कर दिया।

हंसते को रुलाया कभी रोते को हंसाया,

इतना कहूंगा कमाल कर दिया तूने जिंदगी..

सुविचार 3884

मन की गतिविधियों को नियंत्रित करने का सही तरीक़ा यह है कि

उसे किसी नेक ख़याल पर टिका दिया जाए.

सुविचार 3880

सिर्फ दरवाज़ों पर शुभ- लाभ लिखने से कुछ नहीं होगा !

शुभ विचार रखिए, अपने लिये भी और दूसरों के लिये भी, लाभ ही लाभ होगा..

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