सुविचार 3885
कैसे कहूं के तूने सताया है जिंदगी,
पर इतना सीखाया के मालामाल कर दिया।
हंसते को रुलाया कभी रोते को हंसाया,
इतना कहूंगा कमाल कर दिया तूने जिंदगी..
पर इतना सीखाया के मालामाल कर दिया।
हंसते को रुलाया कभी रोते को हंसाया,
इतना कहूंगा कमाल कर दिया तूने जिंदगी..
उसे किसी नेक ख़याल पर टिका दिया जाए.
मोड़ तो सारे मन के है…..
शुभ विचार रखिए, अपने लिये भी और दूसरों के लिये भी, लाभ ही लाभ होगा..