सुविचार 3748

जो जैसा करेगा वो वैसा ही भेरेगा, छल कपट से कोई सुखी नही रह सकता,

_ वह सुख क्षणभंगुर होता है जो छल से कमाया हुआ हो..

अपनों के साथ किया गया छल, अपने ही अंत का आरंभ है..!!
पाप आप करो और धोये गंगा, किसे बेवकूफ बना रहे हो ?

खुद को ? गंगा को ? दुनिया को ?

कर्मों का फल सीधा-सा है, छल का फल छल, आज नहीं तो कल..!!

सुविचार 3747

जिंदगी में कोई साथ दे या ना दे, खुद ही आगे बढ़ते रहो ;

क्योंकि खुद से बड़ा कोई हमसफर नहीं होता.

सुविचार 3746

लोग आपको देखे, इस इरादे से उंचाई पर ना जाओ,

परंतु, आप पुरे संसार को देख सको, इस ख्वाहिश से शिखर पर पहुंचो.

सुविचार 3745

जो अपना रहस्य, और दूसरों का रहस्य अपने सीने में दफन कर लेता है,

ऐसे मनुष्य को फिर किसी के सामने झुकने की नोबत नहीं आती !!

सुविचार 3744

प्रसन्न वो हैं जो, अपना मूल्यांकन करते हैं ;

_ परेशान वो हैं जो, दूसरों का मूल्यांकन करते हैं.

किसी का मूल्यांकन करते समय ..हमें अपने दृष्टिकोण का भी मूल्यांकन करना चाहिए..!!

सुविचार 3743

हक़ीक़त को तलाश करना पड़ता है,

अफ़वाहें तो घर बैठे आप तक पहुँच जाती हैं.

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