सुविचार 3780
हमारे पास दोयम दर्जे का मन है: हमारे लिए हम एक तरह से सोचते हैं, दूसरों के लिए बिल्कुल अलग तरीके से..!
We have a double-standard mind: for us we think in one way, for others in a totally different way.
We have a double-standard mind: for us we think in one way, for others in a totally different way.
दूसरों के हाथों की कठपुतली बन कर रह जाओगे.
_तब तक कभी भी अपना हाथ न बढ़ाएं.”
बाकी ज़िन्दगी बिलकुल हलकी फुलकी है..
वफादार और अच्छे लोग अक्सर सादगी में ही मिलते हैं.
मरने के बाद जाने कहां से इतनी ” अच्छाइयां ” ढूंढ कर लाते हैं.