सुविचार 3954
प्रेम की स्वाभाविक दशा समर्पण है.
प्रेम की स्वाभाविक दशा समर्पण है.
_अगर वो सच में आपकी Care करते हैं तो खुद Time निकाल लेंगे.
अपनी आमदनी से जीविका चलाना और निर्भय होकर रहना, यही इंसान के सुख हैं.
_ऐसे लोगों के साथ रहें जो आप को सकारात्मक वाइब्स देते हों. आप को अपनेआप में परिवर्तन जरूर महसूस होगा.