सुविचार 3948
“विवेक ज्ञान की व्यवस्था है तो ज्ञान जागरण की अवस्था,
और जागरण, जीवन की अनिवार्यता”
और जागरण, जीवन की अनिवार्यता”
_ सही सोच के सही नतीजे़ आते हैं, और गलत के गलत “
जो हमे खुद को पसंद नहीं होते हैं पर किसी दूसरे की खुशी के लिए करने पड़ते हैं.
_क्योंकि उन पर आगे की राह निर्भर करती है.
Making bad decisions is a part of life. Blaming others for your bad decisions is immature.
_ पर कभी किसी के साथ जान बूझकर गलत ना कीजिये.