सुविचार 3703

एक दिन शिकायत आपको वक़्त और ज़माने से नहीं, खुद से होगी

_ कि ज़िन्दगी सामने थी और आप दुनिया में उलझे रहे..!

सुविचार 3702

बुद्धिमान तर्क से, साधारण मस्तिष्क अनुभव से, मूर्ख आवश्यकता से और जानवर सहजवृत्ति से शिछा प्राप्त करते हैं.

सुविचार 3701

हंसने का मतलब ये नहीं कि हम जीवन की गंभीरता को नहीं समझते,

_ इसका मतलब है कि हम जीवन की व्यर्थता को समझ चुके हैं.

सुविचार 3700

जब जिंदगी और सपनों के बीच मोल भाव चल रहा हो तो सपने बेच डालो, जिंदगी नहीं.

_ जिंदगी रही तो सपने फिर खरीद लेंगे.

सुविचार 3699

सही दिशा और सही समय का ज्ञान न हो तो, उगता हुआ सूरज भी डूबता हुआ दिखता है.

सुविचार 3698

शब्द और नीयत आपको चार लोगों में बिठा भी सकते हैं, और उठा भी सकते हैं.

आपसे प्रभावित हो कर कोई आपसे मिल तो लेगा,

_ लेकिन ठहरेगा आपकी नीयत पर ही..!!

error: Content is protected