सुविचार 3739
” ज़िंदगी एक खेत की तरह है, _ आप इसमें जैसा बोते हैं, वैसी ही पैदावार ज़िंदगी में पैदा होती है, _ चाहे सुख बोये कि दुख,”
_ सिर्फ मर्ज़ी का सच सुनने वालों की तादाद बढ़ रही है..!!
_ क्योंकि इनकी वजह से ही आप छलांग लगाना सीखते हो.
Despite the stumbling blocks, opportunities are everywhere, if we take the time and persevere.
_ रब भले ही उसे देर से दे पर जब देता है तो उसकी सोच से भी ज्यादा देता है.
_ लोग आपके पास तब आते हैं जब वो खुद दुःखी होते हैं.