सुविचार 3439

ख़ुशी – प्रसन्नता ….

ख़ुशी से बढकर पौष्टिक खुराक और दूसरी कोई नहीं है,

अतः खुद भी प्रसन्न रहिये और दुसरो को भी खुश रखिये !

सुविचार 3437

” परिपक्वता ” का कुल इतना अर्थ है कि आप

लाभ हानि को पहचानने लग गये, “

सुविचार 3436

समस्या को ख़त्म करने का सबसे सरलतम उपाय यह है कि _

_ उस समस्या को उसके विकराल अवस्था में आने से पहले ही उसे समाप्त कर दो..!!

अपने दिमाग में आने वाली प्रत्येक समस्या को सुलझाने का प्रयास करें, _

_ समस्या तो जिंदगी का एक हिस्सा है, इससे भागना नहीं चाहिए..!

सुविचार 3435

विचारों का स्तर….

हमारे विचारों का स्तर ही हमारी निजी प्रसन्नता का स्तर निर्धारित करता है, हमारे व्यवहार का स्तर निर्धारित करता है, हमारा जीवन स्तर निर्धारित करता है !

इसलिए विचारों का स्तर उच्च बनाये रखिये बाकि सबका स्तर स्वयं ही ठीक हो जाएगा !!!

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