सुविचार 3471

प्रेम बढ़ता रहे और अपनी अभिव्यक्ति में अधिकाधिक लोगों को समाहित करता रहे.

सुविचार 3470

हम अंधे हैं, ऊपरी आवरण से ही इंसान को बुरा और अच्छा मान लेते हैं,

कभी गहराई में जाने की कोशिश नहीं करते.

सुविचार 3468

दुःख कर्मों का फल नहीं, _ बल्कि इस बात का संकेत है कि आपका स्वयं के साथ तालमेल बिगड़ गया है ; _

_दुःख से बाहर आना है तो बुद्धि का विवेक से और मन का समझ से तालमेल ठीक करें.

अगर जीवन में दुःख बढ़ जाए तो जानना _ गलत दिशा में जा रहे हो.

सुविचार 3467

अतीत के बारे में ही न सोचते रहें, बल्कि वर्तमान में ही ख़ुद को सुधारने की कोशिश करें,

ताकि आपका भविष्य आपके अतीत से बेहतर हो.

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