सुविचार 3428
आपके आस पास कई लोग उथले नालों की तरह होते हैं,
जो थोड़ी सी सफलता पाते ही उफन पड़ते हैं और स्वयं का स्वरुप बिगाड़ बैठते हैं.
जो थोड़ी सी सफलता पाते ही उफन पड़ते हैं और स्वयं का स्वरुप बिगाड़ बैठते हैं.
कि वह क्या महसूस कर रहा है, उन्होंने आपमें क्या भाव जगाए हैं.
चाहे जो भी हो, मैं उसका सामना करने के लिए तैयार हूँ.
लालसा का अर्थ है- ‘कुछ चाहिए’ और लालच का आशय है- जो चाहिए था वह मिल गया, ‘और चाहिए’.
आम तौर पर लालसा पूरी करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, तब पूरी होती है, _वहीं पर लालच का संबंध बिना मेहनत के कुछ हासिल करने से होता है यद्यपि इनके भी अपवाद होते हैं
मनुष्य में लालसा का होना स्वाभाविक है, यह प्रेरक तत्व है लेकिन लालच करना हर दृष्टि से घातक है. _इसके परिणाम दुखदायी होते हैं.