सुविचार 3428

आपके आस पास कई लोग उथले नालों की तरह होते हैं,

जो थोड़ी सी सफलता पाते ही उफन पड़ते हैं और स्वयं का स्वरुप बिगाड़ बैठते हैं.

सुविचार 3426

समानुभूति यानी किसी और की भावनाओं को स्वाभाविक रूप से समझना,

कि वह क्या महसूस कर रहा है, उन्होंने आपमें क्या भाव जगाए हैं.

सुविचार 3425

“स्वीकार्यता” क्रमिक- विकास की सूचक है, हमारी तैयारी या मनोभाव यह होना चाहिए कि

चाहे जो भी हो, मैं उसका सामना करने के लिए तैयार हूँ.

सुविचार 3424

सुख का लालच ही नए दुख को जन्म देता है.

लालसा और लालच में अंतर समझ लिया जाए ;

लालसा का अर्थ है- ‘कुछ चाहिए’ और लालच का आशय है- जो चाहिए था वह मिल गया, ‘और चाहिए’.

आम तौर पर लालसा पूरी करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, तब पूरी होती है, _वहीं पर लालच का संबंध बिना मेहनत के कुछ हासिल करने से होता है यद्यपि इनके भी अपवाद होते हैं

मनुष्य में लालसा का होना स्वाभाविक है, यह प्रेरक तत्व है लेकिन लालच करना हर दृष्टि से घातक है. _इसके परिणाम दुखदायी होते हैं.

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