सुविचार 3416
” सोचनेभर से दूरीयां कम नहीं होती,_ कदम भरने से ही दूरीयां सिमटती हैं “
” सोचनेभर से दूरीयां कम नहीं होती,_ कदम भरने से ही दूरीयां सिमटती हैं “
_ लेकिन इंसान को खुशियां भी _ उन्हीं भावनाओं से ही मिलती है.
_ ना कि उन्हें सोच सोच कर दुखी होइए ..