सुविचार 3515

जब जीवन में हर परिस्थिति का सामना करना ही है, _ तो प्रेम से सामना क्यों न करें.

सुविचार 3514

हमारी सबसे मूल्यवान संपत्ति वह है, जो दूसरों में बाँटने पर भी बढ़ती जाती है

और सबसे कम मूल्यवान, वह जो बाँटने पर कम हो जाती है.

सुविचार 3513

आप भले ही किसी को मुँह से गाली न दें, लेकिन अगर आपने मन में बुरे विचार रखे तो आपने उस इन्सान की तरफ नकारात्मक ऊर्जा भेज दी है. इसलिए कभी किसी के बारे में गलत न सोचें, आपका यह नकारात्मक विचार घूम- फिर कर आपके ऊपर ही असर करेगा.
जिन्हें गाली देने में बड़ा रस आता है, आत्मतुष्टि या वीरता का आभास होता है ; जान लें कि गालियां आपकी बौद्धिक नपुंसकता और दिवालिएपन का प्रमाण है,

_ चाहे किसी को भी दी गई हों, __ तीसमारखां हैं तो विचार से विचार का जवाब दीजिए..

सुविचार 3512

पूरी बात मालुम न होने से अच्छी भली बुद्धि में भी भ्रम पैदा हो जाता है..

लोग भ्रम में ही जीने लगे हैं, भ्रम टूटने भर के संकेत से वे काटने दौड़ते हैं..!!
“हमें इस बात को लेकर बड़ा भ्रम है कि

_हम क्या चाहते हैं और हमें क्या चाहिए..!!

सुविचार 3511

दुश्मन से भी ज्यादा खतरनाक होता है वो आप का अपना, _जो करीब आकर आप के दिल के भेद जान ले,

_ और फिर हँस-हँस कर दुनिया के सामने बताए ..

मन के भेद यूं सर-ए-‘आम मत खोलिए..

_ ज़माना बहुत शातिर है जनाब,, ज़रा सोच समझ कर बोलिए !!

सुविचार 3510

कुछ लोग अचानक ही बदल जाते हैं, बस एक दिन के अंतर में पता नहीं क्या हो जाता है जैसे लगता है आपको जानते ही नहीं।

_ कल तक सब ठीक चल रहा होता है, अच्छी दोस्ती, अच्छी बातचीत, अच्छा व्यवहार, सबकुछ, ऐसा कुछ नहीं होता जिससे लगे कि आप सामने वाले को परेशान कर रहे हैं या आपसे उसे कोई दिक़्क़त है और फिर एक दिन में जैसे सबकुछ बदल जाता है अचानक❗️
_ आप आम दिनों की तरह कॉल करते हैं रिसीव नहीं होता, मैसेज करते हैं जवाब नहीं आता। आप इसे सामान्य लेते हैं कि कोई बिजी भी हो सकता है, आप समझदार की तरह पेश आते हैं कि चलो मिस्डकॉल देख कर कॉल आएगा, मैसेज देख कर रिप्लाई आएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं होता। आप बार बार कॉल और मैसेज भी नहीं करते क्योंकि आपको समझदार की तरह पेश भी आना है लेकिन आप उन सवालों से खुद को बचा भी नहीं पाते कि आखिर हुआ क्या ❓
_ ये उलझन आपको कुछ दिन परेशान करती है, आप अपनी गलती ढूंढते हैं कि आपने ऐसा क्या किया फिर धीरे-धीरे सब सामान्य होता जाता है।
_ आप सामने वाले का स्टेटेटस, स्टोरी देखते हैं फिर एक बार और कॉल और मैसेज कर के देखते हैं कि आखिर बात क्या हुई जवाब फिर नहीं आता,
_ आप अपनी उलझनों में सिमट कर रह जाते हैं। कभी कभी कुछ सवालों के जवाब किसी के पास नहीं होते बस उन्हें ऐसे ही जाने देना चाहिए। कुछ दिनों के बाद आपको जवाब की चाहत भी नहीं रहती सबसे बेहतर वहीं होता है !
लोग सिर्फ वही देखते हैं, जो वो देखना चाहते हैं..!!
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