सुविचार 3410

किसी की जिंदगी बर्बाद करके, माफ़ी तो मांग सकते हो ;

_ मगर बर्बाद की हुई जिंदगी को दोबारा संवार नहीं सकते..

दुष्ट व्यक्ति दूसरों को बर्बाद करने के लिए, _

_ पहले हमेशा खुद को बर्बाद करता है…

सुविचार 3409

” यह जो भय मन में बसा हुआ है, हमसे हुई गलतीयों का ही उधार है,

उसे तो चुकाना ही पड़ेगा “

सुविचार 3408

परेशानी से निपटने की परेशानी उतनी भी बड़ी नहीं होती, _

_ परन्तु हम उसे अत्यधिक सोच – सोच कर बड़ा बना देते हैं ..

सुविचार 3406

जहाँ उम्मीद नहीं होती, वहाँ तकलीफ की कोई गुंजाईश भी नहीं होती..

अच्छा जीवन केवल वही लोग जी सकते हैं, _

_ जो अपने आपसे उम्मीद रखते हैं किसी और से नहीं.

सुविचार 3405

किसी भी परिस्थिति को स्वीकार कर के ही उस से निकला जा सकता है, _

_ इसलिए जो भी है उसे स्वीकार कर के बेहतर बनाएँ..

error: Content is protected