सुविचार 3410
किसी की जिंदगी बर्बाद करके, माफ़ी तो मांग सकते हो ;
_ मगर बर्बाद की हुई जिंदगी को दोबारा संवार नहीं सकते..
दुष्ट व्यक्ति दूसरों को बर्बाद करने के लिए, _
_ पहले हमेशा खुद को बर्बाद करता है…
_ मगर बर्बाद की हुई जिंदगी को दोबारा संवार नहीं सकते..
_ पहले हमेशा खुद को बर्बाद करता है…
उसे तो चुकाना ही पड़ेगा “
_ परन्तु हम उसे अत्यधिक सोच – सोच कर बड़ा बना देते हैं ..
_ जो अपने आपसे उम्मीद रखते हैं किसी और से नहीं.
_ इसलिए जो भी है उसे स्वीकार कर के बेहतर बनाएँ..