सुविचार 3424

सुख का लालच ही नए दुख को जन्म देता है.

लालसा और लालच में अंतर समझ लिया जाए ;

लालसा का अर्थ है- ‘कुछ चाहिए’ और लालच का आशय है- जो चाहिए था वह मिल गया, ‘और चाहिए’.

आम तौर पर लालसा पूरी करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, तब पूरी होती है, _वहीं पर लालच का संबंध बिना मेहनत के कुछ हासिल करने से होता है यद्यपि इनके भी अपवाद होते हैं

मनुष्य में लालसा का होना स्वाभाविक है, यह प्रेरक तत्व है लेकिन लालच करना हर दृष्टि से घातक है. _इसके परिणाम दुखदायी होते हैं.

सुविचार 3422

आप अपने लक्ष्य पर ध्यान दें, _

_ लहरें भले ही आपके पदचिन्हों को मिटा दें, कोई न कोई उन्हें ढूंढ ही लेगा..

You focus on your goal. Even if the waves erase your footprints, some one will find them.

सुविचार 3421

हम जो भी काम करते हैं, उसमें श्रेष्ठ होने और अपनी सम्भावनाओं को विस्तारित करने के लिए, _ हमें ख़ुद में सुधार लाने का प्रयास करते रहना चाहिए.

  • ” श्रेष्ठ व्यक्ति बोलने में संयमी, _ लेकिन कार्यों में अग्रणी होगा “

सुविचार 3420

लोग आप को पसंद करते हैं इसके भी पीछे उन का स्वार्थ होता है ;

जरूर आप की वजह से उन्हें कोई फायदा मिल रहा होगा, या मिलने की उम्मीद होगी..

सुविचार 3419

जो मज़ा अधूरे में है, वो पूरे में कहाँ ;_

_ पूरा होते ही पूर्णविराम लग जाता है ..

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