सुविचार 3418

हम ऐसे वक़्त में जी रहे हैं, जहाँ ड्रामे देख कर लोग रोते हैं, _

_ और हक़ीक़त देख कर कहते हैं _ सब ड्रामा है ..

सुविचार 3417

ऊंचाई पर वो लोग पहुंचते हैं, जो बदला लेने की नहीं बदलाव लाने की सोच रखते हैं.

सुविचार 3416

” सोचनेभर से दूरीयां कम नहीं होती,_  कदम भरने से ही दूरीयां सिमटती हैं “

सुविचार 3415

किसी के लिए भावनाएं _ इंसान को कमजोर बनाती हैं,

_ लेकिन इंसान को खुशियां भी _ उन्हीं भावनाओं से ही मिलती है.

सुविचार 3414

कुछ करने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति के लिए _ इस दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं.

जो नहीं है उसकी इच्छा करके, जो है उसे बर्बाद मत कीजिए !!
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