सुविचार 3406

जहाँ उम्मीद नहीं होती, वहाँ तकलीफ की कोई गुंजाईश भी नहीं होती..

अच्छा जीवन केवल वही लोग जी सकते हैं, _

_ जो अपने आपसे उम्मीद रखते हैं किसी और से नहीं.

सुविचार 3405

किसी भी परिस्थिति को स्वीकार कर के ही उस से निकला जा सकता है, _

_ इसलिए जो भी है उसे स्वीकार कर के बेहतर बनाएँ..

सुविचार 3404

सम्पूर्ण शान्ति वह है जिसमें हम दूसरों के चिढ़ाने या तानों को सहन कर लेते हैं,

हमें इन बातों को ऐसे सहन करना चाहिए जैसे किसी उल्टे घड़े पर पानी उँड़ेला जा रहा हो,

वह घड़ा अपने भीतर पानी को बिलकुल नहीं लेता.

सुविचार 3401

आप यह निश्चित रूप से जान लें कि आपकी अकेली ईमानदारी में बहुत बड़ा बल है,

हाँ वह ईमानदारी पत्थर की चट्टान की तरह दृढ और अभेद्य होनी चाहिए,

अकेले आपके ईमानदार होने से, घर पास- पड़ौस में, व्यवसाय में और सभी छेत्रों में जहाँ आप प्रवेश करते हैं,

वहीँ, कुछ न कुछ परिवर्तन अवश्य होता है.

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