सुविचार 3591

अंधेरा भी उजाले की सोहबत में उजाला हो जाता है.

उजाला जिंदगी की गैरमौजूदगी में नहीं,
_ उसे फिर से जीने की हमारी जिद में पैदा होता है.!!

सुविचार 3590

कुछ लोग जंगली झाड़ियों की तरह होते हैं,

_ उन से उलझने के बजाय उनसे बचकर निकलना चाहिए.

सुविचार 3589

हम चाहें तो केवल अपने लिए कोई दीप जला सकते हैं, लेकिन

उसकी रोशनी से यह आग्रह नहीं कर सकते कि वह केवल मेरे लिए ही प्रज्वलित हो.

सुविचार 3588

समाज की एक ही समस्या है की आनंद कैसे पाया जाए,

_ और पूरा प्रयास ये है कि लोग आनंदित न दिखाई दे.

सुविचार 3587

परिस्थिति बदलना जब मुमकिन ना हो, तो…मन की स्थिति बदल लीजिए !

_ सब कुछ अपने आप ही बदल जाएगा.

सुविचार 3586

हर इंसान कुछ अच्छाइयों और कमियों से मिलकर बना होता है,

_ इसीलिए वह खट्टे-मीठे अनुभवों से होकर गुजरता है.

error: Content is protected