सुविचार 3597
जहां भी जाएगा रौशनी बिखेरेगा,
_ चिरागों का कोई अपना मकां नही होता..
कुछ तेरा मिटेगा कुछ मेरा मिटेगा,
_ चल चराग़ जलाएं अंधेरा मिटेगा !!
_ चिरागों का कोई अपना मकां नही होता..
_ चल चराग़ जलाएं अंधेरा मिटेगा !!
और उन्हें सुधारने के लिए आपको साहसी होना होगा.
_ वो आज नही तो कल आपको सफल जरूर बनाता है !
“-जिसके पास धैर्य है _ वह जो चाहे वो पा सकता है.”