सुविचार 3339

दुखों को भोगकर भी आदमी यह स्वीकार नहीं करता

कि दुखों को निमंत्रण भी उसने ही दिया है.

सुविचार 3337

जरूरतें, जिम्मेदारियां और ख्वाहिशें, _ यूँ तीन हिस्सों में दिन गुज़र जाता है.

चुरा लेना खूबसूरत पल जिंदगी से वरना जिम्मेदारियां फुरसत नहीं देती.!!

सुविचार 3336

मुश्किल दौर में कोई रास्ता न दिखे तो आपको सही वक्त और सही समय का इंतजार करना चाहिए,

क्यूँकि नदी को भी सागर से मिलने के लिए मौसम और बाढ़ आने का इंतजार करना पड़ता है.

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