सुविचार 3347

“कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं हो सकता है, _ जीवन हर किसी के साथ अलग व्यवहार कर रहा है _

_ इसमें महारत हासिल करने की आपकी बारी है.

सुविचार 3346

“अच्छाई और बुराई” “इंसान” के “कर्मों” में होती है..!

कोई “बांस” का “तीर” बनाकर किसी को “घायल” करता है..!

तो कोई “बांसुरी” बनाकर बांस में “सुर” को भरता है..!

एक अप्रिय घटना हमें यह एहसास कराती है कि..

_हमने अपने जीवन में कितनी अच्छाई का अनुभव किया है..

सुविचार 3345

जो व्यक्ति सुधार नहीं सकता, उसे शिकायत करने का कोई अधिकार नहीं.

और जब कोई व्यक्ति सुधार कर सकता है, तो वह कभी शिकायत नहीं करता.

सुविचार 3344

वक़्त और किस्मत पर कभी घमंड मत करना,

क्योंकि सुबह उनकी भी होती है, जिनके दिन खराब हों.

सुविचार 3342

आज तुझ पर हंस रहे हैं जो, वही लोग कल को तेरा गुणगान करेंगे..

कर के दिखा दे कोई कमाल, तो तुझ पर सब अभिमान करेंगे…

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