सुविचार 3408

परेशानी से निपटने की परेशानी उतनी भी बड़ी नहीं होती, _

_ परन्तु हम उसे अत्यधिक सोच – सोच कर बड़ा बना देते हैं ..

सुविचार 3406

जहाँ उम्मीद नहीं होती, वहाँ तकलीफ की कोई गुंजाईश भी नहीं होती..

अच्छा जीवन केवल वही लोग जी सकते हैं, _

_ जो अपने आपसे उम्मीद रखते हैं किसी और से नहीं.

सुविचार 3405

किसी भी परिस्थिति को स्वीकार कर के ही उस से निकला जा सकता है, _

_ इसलिए जो भी है उसे स्वीकार कर के बेहतर बनाएँ..

सुविचार 3404

सम्पूर्ण शान्ति वह है जिसमें हम दूसरों के चिढ़ाने या तानों को सहन कर लेते हैं,

हमें इन बातों को ऐसे सहन करना चाहिए जैसे किसी उल्टे घड़े पर पानी उँड़ेला जा रहा हो,

वह घड़ा अपने भीतर पानी को बिलकुल नहीं लेता.

error: Content is protected