सुविचार 3402
अंत में आप वही पाएंगे, जिस चीज के आप हकदार होंगे.
अंत में आप वही पाएंगे, जिस चीज के आप हकदार होंगे.
हाँ वह ईमानदारी पत्थर की चट्टान की तरह दृढ और अभेद्य होनी चाहिए,
अकेले आपके ईमानदार होने से, घर पास- पड़ौस में, व्यवसाय में और सभी छेत्रों में जहाँ आप प्रवेश करते हैं,
वहीँ, कुछ न कुछ परिवर्तन अवश्य होता है.
_ लेकिन उसके पीछे प्रेरणा और प्रोत्साहन बहुतों की होती है.
दूसरों को देखकर अपने को मत बदलो, सीखते चलो”
– ” गलत को गलत बोलना सीखो -“