सुविचार 3305

परिस्थिति की पाठशाला ही इंसान को वास्तविक शिछा देती है.

शिछा शेरनी का वह दूध है _ जो पिएगा _ वो दहाड़ेगा !!

सुविचार 3302

जो लोग मिली हुई चीज को छोड़ कर उसके पीछे भागते हैं, जिसके मिलने की उम्मीद ही ना हो ;

ऐसे लोग मिली हुई चीज को भी खो देते हैं.

सुविचार – 2022 नया साल – 3301

असल परिपक्वता तब आती है, जब आपको पता चलता है कि नया साल आपके जीवन को नहीं बदलेगा_

_ और जो बदलेगा _ वो है आपके प्रयास !!

अपना एक साल का गोल बनाइये, खुद से कहिये कि _

_ अब ये काम मुझे एक साल तक लगातार करना है, चाहे कुछ भी हो जाए..

2022 में ख़ुद से वादा करो ~

उठो जल्दी

बोलो आराम से

खाओ तमीज़ से

सोचो हट के

काम करो शांति से

कमाओ ईमानदारी से

बचाओ लगातार

ख़र्च करो समझदारी से

पहनो अच्छा

साँस लो लंबी

जीयो ख़ुशी से

और

सो जाओ जल्दी

चम्मच पे चम्मच चम्मच मे जीरा

_ मेरा दोस्त लाखो मे हीरा..
_ चूहा निकला बिल से
_ हैप्पी न्यू ईयर दिल से
_ चलते- चलते पैरों में रुमाल आ गया,
_ सुबह उठ कर देखा तो नया साल आ गया..
_ परात में परात, परात में आटा
_ नया साल आया पुराने साल को टाटा..

सुविचार 3300

इस साल का सफ़र _ कुछ यूँ गुज़र गया,

कुछ अपने अंजान हो गए _ कुछ अंजान अपने हो गए..

तारीखों में _ धीरे – धीरे _ व्यतीत हो रहे हैं हम,

आज है _ लेकिन हर छण _ अतीत हो रहे हैं हम..

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