सुविचार 3310

कई बार, दुःख दरअसल एक धक्का होता है, जो “वक़्त” इंसान को आगे धकेलने के लिए लगाता है…

लेकिन ज़्यादातर इंसान आगे बढ़ने की बजाय इस धक्के से गिर जाता है, और फ़िर गिर कर उठने में या तो बहुत देर लगाता है, या उठता ही नहीं…..

कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो किसी को आगे बेशक न ले जाएं,

_ मगर पीछे धकेलने में कोई कसर नहीं छोड़ते..!!

सुविचार 3307

जो लोग जज्बात छुपाने वाले होते हैं, वो ज्यादा ख़याल करने वाले होते हैं.

सुविचार 3306

जीवन में कभी कभी ऐसा समय भी आता है, जब हम अपने किसी भी दर्द को किसी को नहीं बोल पाते हैं,

क्योंकि हम यह समझ जाते हैं कि हमारी बातों को समझने वाला कोई नही है.

सुविचार 3305

परिस्थिति की पाठशाला ही इंसान को वास्तविक शिछा देती है.

शिछा शेरनी का वह दूध है _ जो पिएगा _ वो दहाड़ेगा !!
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