सुविचार 3105
चौराहे पर खड़ी जिंदगी, नजरें दौड़ाती है…
काश कोई बोर्ड दिख जाए, जिस पर लिखा हो…..” सुकून..0,कि. मी. “
काश कोई बोर्ड दिख जाए, जिस पर लिखा हो…..” सुकून..0,कि. मी. “
बासी सोच से समय बासने लग जाता है,”
ज़मीर ज़िंदा हो तो आप अकेले भी पर्याप्त हैं.
इंसान बहुत कुछ कर सकता है.
ताकि आपके जीवन में कभी भी कोई भी अंधकार न फैला सके.