सुविचार 3075

अधिकाधिक प्रेम करने से प्रेम घटता नहीं

बल्कि हमें और अधिक प्रेम मिल जाता है.

सुविचार 3074

नौकर से केवल वही काम लेना चाहिए, जिसे आप स्वयं नहीं कर सकते.

नौकर सहायता के लिए है न कि ऐश व आराम के लिए.

सुविचार 3073

“एक पुरानी तमिल कहावत के अनुसार, अमृत भी अत्यधिक मात्रा में हो तो ज़हर बन जाता है.

बिना किसी अपवाद के यह सभी बातों के लिए सच है.”

सुविचार 3072

” यकीन कीजिए, जब आप होश में होते हैं,

तब आपका नसीब भी जागा हुआ रहता है,”

सुविचार 3071

हम जिस विचार पर अत्यधिक प्रतिक्रिया करते हैं, वही हमारी परिस्थितियां बन जाती हैं,

चाहे वह खुशी वाले विचार हों, या दुख वाले.

सुविचार 3070

गंदगी सड़न पैदा करती है, गौर से देखो, अपने भीतर कुछ गंदगी तो शेष नहीं रह गई.

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