सुविचार 3101
” मूल्यहीन जीवन का कोई अर्थ नहीं है, जीवन के मूल्य स्वयं ही तय करने होते हैं,”
” मूल्यहीन जीवन का कोई अर्थ नहीं है, जीवन के मूल्य स्वयं ही तय करने होते हैं,”
ताकि आपके जीवन में कभी भी कोई भी अंधकार न फैला सके.
और प्रकृति की प्राकृतिक वस्तुओं को भूल गया.
तब अपने और सगे सभी हाथ छुड़ा लेते हैं…
उसी दिन से हमारी कमजोरी हमारी ताक़त बन जायेगी.