सुविचार 3034

अपनापन, परवाह, आदर और थोड़ा सा समय, यह वो दौलत है

जो हमारे अपने हमसे चाहते हैं.

सुविचार 3032

एक बेहतर भविष्य की कल्पना करें. सोचें कि यह संसार आनंदमय बनता जा रहा है.

धीरे- धीरे ऐसा होता जायेगा.

सुविचार 3031

सुख दुःख बादल हैं, आते जाते रहेंगे_ _पर संतुष्टि की छाँव हम स्वयं ढूँढ़ते हैं.

हमें परिस्थितियाँ चुनने की आज़ादी नही, पर हम निर्णय के लिए सदैव स्वतंत्र हैं.

सुविचार 3030

हर व्यक्ति के साथ दयालुता और सम्मान से पेश आएं…..उनके साथ भी जो आपके प्रति असभ्य हो..

…याद रखें…..आप दूसरों के प्रति “करुणा” …..इस वजह से नहीं दिखाते कि…..” वे कौन हैं “..

…बल्कि…..इस वजह से दिखाते हैं कि …..” आप कौन हैं “…!!

सुविचार 3029

दुनिया के सभी शास्त्र, चाहे वे किसी भी वर्ग के हों,

मनुष्य को उत्तम आचार- विचार करने की शिक्षा दे रहे हैं.

किसी व्यक्ति के लिए सबसे जरूरी है तो वो है शिक्षा, _ शिक्षा एक ऐसा सूरज है जो अपना प्रकाश मनुष्य पर डालता है, और इससे प्रवर्तित किरणें न केवल परिवार, समाज, देश बल्कि सारी दुनियाँ को चमकाती है, _

_ शिक्षा मनुष्य के अंदर एक ऐसा परफ्यूम है जो अपनी खुशबु से समाज को लगातार सुगन्धित करती रहती है.

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