सुविचार 3071
हम जिस विचार पर अत्यधिक प्रतिक्रिया करते हैं, वही हमारी परिस्थितियां बन जाती हैं,
चाहे वह खुशी वाले विचार हों, या दुख वाले.
चाहे वह खुशी वाले विचार हों, या दुख वाले.
ताकि आपका भविष्य आपके अतीत से बेहतर हो.
कर्ज लेते समय तो राहत मालूम होती है पर चुकाते समय बहुत कष्ट होता है,
दुष्ट के साथ मित्रता शुरुवात में अच्छी लगती है पर आगे जाकर दुःख होता है,
मन में उठी गलत कामनाओं की पूर्ति के समय तो आनंद मिलता है पर बाद मैं जाकर तकलीफ उठानी पड़ती है,
बिना आगा पीछा सोचे हुए काम करना तो आसान है पर परिणाम कष्ट देने वाले ही होते है !!
लेकिन सबसे अनोखी बात यह है कि यहाँ एक असंभावित घटना के संभव होने की भी संभावना है.