सुविचार 3060

एक बार जब किसी काम में दिलचस्पी पैदा हो जाए, तब अनुशासन की भी जरुरत नहीं रहती.

सुविचार 3059

एक दिन हम और आप महज एक याद बन कर रह जाएंगे,

कोशिश कीजियेगा कि यादें अच्छी बनी रहें…!!

सुविचार 3058

अपनी प्रचुरता को उनके साथ बाँटें जो असमर्थ हैं,

उदारता हमारी स्वाभाविक दशा है.

सुविचार 3057

व्यक्तिगत रूपान्तरण की किसी भी प्रक्रिया में आत्म- स्वीकृति

एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण मनोभाव होता है.

सुविचार 3056

सारे विश्वास व मत कहीं न कहीं धराशायी हो जाएंगे ,_

_ सिर्फ सच्चाई ही बनी रहेगी.

सिर्फ जीना मायने नहीं रखता, सच्चाई से जीना मायने रखता है.
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