सुविचार 3082
जिंदगी जीते तो कुछ ही हैं, ज्यादातर तो भागदौड़ में ही बिता देते हैं.
जिंदगी जीते तो कुछ ही हैं, ज्यादातर तो भागदौड़ में ही बिता देते हैं.
सेज के साथ नींद है, धन के साथ उदारता है एवं, विशिष्टता के साथ शिष्टता है.
बल्कि स्वयं को यह बताने के लिए है कि मैं पहले से बेहतर प्रयास कर सकता हूँ.