सुविचार 2964
आस्था अस्तित्व की नींव है. बिना आस्था के हमारा अस्तित्व एक ऐसे नींव रहित भवन जैसा होगा,
जिसे हवा का हर झोंका या आँधी उड़ा ले जाए.
जिसे हवा का हर झोंका या आँधी उड़ा ले जाए.
क्योंकि जिसका भला करने की सोचोगे, वह तुम्हारा बुरा करने की सोचेगा,
आज के समय में इंसान का ज्यादा अच्छा होना भी नुकसानदायक है,
लोग फ़ायदा उठाने लगते है, उसकी अच्छाई का.
और अपने भाग्य का निर्माण स्वयं करने का अवसर पा जाते हैं.
जिससे अधिक फल प्राप्त होता है.
सोचो, आपके कार्य महान है या अधम ?
वैसे ही बुराइयों से भरे मनुष्य में उस की थोड़ी सी अच्छाई उस के सारे अवगुणों को ढक देती है.