सुविचार 2964

आस्था अस्तित्व की नींव है. बिना आस्था के हमारा अस्तित्व एक ऐसे नींव रहित भवन जैसा होगा,

जिसे हवा का हर झोंका या आँधी उड़ा ले जाए.

सुविचार 2963

आज का वर्तमान कहता है, किसी का भला करने से पहले दस बार सोच लो,

क्योंकि जिसका भला करने की सोचोगे, वह तुम्हारा बुरा करने की सोचेगा,

आज के समय में इंसान का ज्यादा अच्छा होना भी नुकसानदायक है,

लोग फ़ायदा उठाने लगते है, उसकी अच्छाई का.

सुविचार 2962

मन पर से अतीत की छापें हटा कर हम बदलने

और अपने भाग्य का निर्माण स्वयं करने का अवसर पा जाते हैं.

सुविचार 2961

जब कार्यों की अधिकता हो, तब करने के लिए उस कार्य को प्राथमिकता दें,

जिससे अधिक फल प्राप्त होता है.

सुविचार 2960

किसी से प्रशंसित होने मात्र से आप बड़े नहीं और किसी से निंदित होने मात्र से आप छोटे नहीं हो जाते,

सोचो, आपके कार्य महान है या अधम ?

सुविचार 2959

जिस तरह गंदे तालाब में एक कमल का खिलना उसे खूबसूरत बना देता है,

वैसे ही बुराइयों से भरे मनुष्य में उस की थोड़ी सी अच्छाई उस के सारे अवगुणों को ढक देती है.

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