सुविचार 2999
जिन लोगों ने सही कर्मों से अपने जीवन को सुंदर बना रखा है, उन लोगों को दुःख कैसे हो सकता है ;
मनुष्य के जीवन में जो भी सुखी है वो अपने कर्मों के द्वारा सुखी है, और जो दुखी है वो अपने कर्मों के द्वारा दुखी है.
मनुष्य के जीवन में जो भी सुखी है वो अपने कर्मों के द्वारा सुखी है, और जो दुखी है वो अपने कर्मों के द्वारा दुखी है.
जब हम किसी के काम आते हैं, तो यह जीवन की एक उपलब्धि बन जाती है.
यह नेक काम हमें अपने ऊपर गर्व करने का मौका देता है.
.. उसका पीछा करना बंद करो… वरना ये आपको जीवन मे कभी आगे बढ़ने नहीं देंगी…
उससे ज्यादा मतलबी इंसान कोई नहीं हो सकता.