सुविचार 3043
दूसरों की इतनी चिंता मत करो,
क्योंकि यह चिंता तुम्हारे अपने विकास को विचलित करेगी.
क्योंकि यह चिंता तुम्हारे अपने विकास को विचलित करेगी.
याद रखें, आपका कम्फर्ट जोन आपको अटकाए रखता है.
*जिसकी बदौलत आदमी कठिन* *परिस्थितियों में निराश* *नहीं होता और वह एक* *असाधारण व्यक्तित्व बन* *जाता है.*
पर भीड़ में रह कर भी एकांत- सा अनुभव करना परम मूल्यवान है.
क्योंकि आपकी प्रतिक्रिया के बिना ये दोनों ही शक्तिहीन हैं..
अगर वही शब्द कोई आपसे कहे तो आपको कैसा महसूस होगा…
_ काँटों के साथ तालमेल बना कर रखने की कला तो सीखनी ही होगी !
_ लोगों की मोहब्बत में पत्ता-पत्ता बिखर गया…