सुविचार 3005
कभी कभी ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है कि
बिना गलती के भी माफ़ी मांगनी पड़ती है.
बिना गलती के भी माफ़ी मांगनी पड़ती है.
पूरी दुनिया को “डुबोने” की “ताकत” रखने वाला “समंदर”
“तेल” की एक बूंद को नहीं “डूबो” सकता.
यही जीवन का श्रेष्ठ अभिनय है.
एक वह जो मौका देता है, दूसरा वह जो धोखा देता है…।।
दुसरो के गुणों को न सिर्फ देखो बल्कि उनकी प्रशंसा करो और उन्हें सच्चे दिल से अपनाने का प्रयत्न करो, और दुसरे के अवगुणों को नज़र अंदाज करे बहुत जरुरी होने पर उनको बताये, अपितु उन पर ध्यान ही न दे किन्तु अपने दुर्गुणों को ध्यान पूर्वक अपने से दूर करने का प्रयत्न करे !!!!
_फिर स्वयं की प्रशंसा करें कि _ये कर लिया तो अब इससे ज्यादा भी होगा..!!