सुविचार – तारीख़ – तारीख – 3019

9400847323_a47f43d80f

अपने मरने के दिन न गिनें, ये न सोचें कि अब बीस साल बचे हैं, अब दस साल बचे हैं और अब पांच साल बचे हैं. बस वर्त्तमान में भरपूर जीयें.

हमें यह समझना होगा कि जिस दिन को हमने खुल कर जी लिया, वही ख़ास दिन है. बाकि तो सिर्फ तारीखें हैं, जो आयेंगीं और जायेंगी. बेहतर है कि हम रोज खुल कर जीयें.

कोई तारीख़ किसी के लिए तोहफ़ा लेके आती है, उससे उसकी तमाम खुशियां जुड़ी होती हैं,  _और वही तारीख़ किसी दूसरे शख़्स के लिए दर्द, तकलीफ़ से भरी होती है.

एक ही तारीख अलग अलग रंग लिए होती है.

सुविचार 3018

आप को जब आप का जीवन निरर्थक लगने लगे, _

_ तो उन का स्मरण जरूर करना _ जिनके लिए आप हर कीमत पर अर्थवान हैं ..

सुविचार 3017

सच की राह पर चलते हैं जो लोग,

वक्त उसकी गवाही खुद देता है,

आज नही तो कल ” सच सबको दिखाई देता है.”

सुविचार 3016

एक “इच्छा” कुछ नहीं बदलती, एक “निर्णय” कुछ बदलता है,

लेकिन एक “निश्चय” सब कुछ बदल देता है.

सुविचार 3015

ज़िन्दगी में जो कुछ भी होता है अच्छे के लिए होता है…

बुरा वक़्त इसलिए आता है ताकि हम अच्छे वक़्त की कीमत जान सकें और

लोग इसलिए बदल जाते हैं ताकि हम उनके असली चेहरे पहचान सकें कि

वो क्या थे और हम क्या समझ रहे थे.

सुविचार 3014

बुरा नहीं लगता…..

धैर्य और संतोष हो तो निर्धनता बुरी नहीं लगती, कपड़े साधारण भी हो किन्तु साफ़ सुथरे और धुले हुए हो तो बुरे नहीं लगते, भोजन सादा हो पर ताजा और गरम हो तो बुरा नहीं लगता, सेवा भावी और मधुर भाषी कुरूप भी हो तो भी बुरा नहीं लगता, घर छोटा और साधारण हो पर साफ़ सुथरा व्यवस्थित हो तो बुरा नहीं लगता, तन स्वस्थ और मन प्रसन्न हो तो कुछ भी बुरा नहीं लगता !!!

error: Content is protected