सुविचार 2927

” व्यक्ति ” अपनी बेइज्जती माफ तो कर सकता है..

लेकिन बेइज्जती भूल जाना नामुमकिन है.

सुविचार 2926

जिस दिन आप अपनी हंसी के मालिक खुद बन जाओगे,

तब आपको कोई भी नहीं रुला सकता.

सुविचार 2925

जिम्मेदारियां वक्त देखकर नहीं आती, _ पर कंधे जरूर मजबूत कर जाती है.

सुविचार 2924

लोग इसलिए अकेले होते हैं, _ क्योंकि वे दोस्ती का पुल बांधने की बजाय,

_ दुश्मनी की दीवार खड़ी कर लेते हैं.

सुविचार 2923

भीतर की स्थिति बदलनी चाहिए, वह अगर बदल जाए,

_तो बाहर भी अभिव्यक्ति अपने आप बदल जाएगी.

अभिव्यक्ति [Expression] को आप कुछ देर के लिए दबा भले देंगे,

_लेकिन उसका गला नहीं घोंट पाएंगे.

सुविचार 2922

अगर कोई आपके अच्छे कार्य पर सन्देह करता है तो करने दीजिये,

क्योंकि शक़ सदा सोने की शुद्धता पर किया जाता है कोयले की कालिख पर नहीं.

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