सुविचार 2839

हम काल्पनिकता या वास्तविकता पसंद नहीं… हम कहानी पसंद लोग हैं, _ जिन गीतों

अथवा नज्मों से हमारी कहानी मेल खाती है, हम उन्हें ही अपना पसंदीदा मान लेते हैं, _

उन्हें सुनते या गाते हुए मुस्कुराते रहते हैं और खुश होते रहते हैं और जो खुश नहीं होते उनकी कहानी ही कुछ और होती है.

सुविचार 2837

जिंदगी में जो चीज सबसे ज्यादा प्यारी लगती है,

असलियत मैं वही चीज आपके दुखों की वजह बनती है.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सुविचार 2836

अगर आपके पास मन की शांति है तो…..

समझ लेना आपसे अधिक भाग्यशाली कोई नही है.

सुविचार 2835

अगर जिंदा हो तो गलत का विरोध करना सीखो,

क्योंकि पानी की धाराओं के साथ जिंदा इंसान नहीं लाशें बहा करती हैं.

सुविचार 2834

जिसकी चेतना दूसरों पर है, जो सदैव यह देखता रहता है कि दूसरे मेरे बारे में क्या सोच रहे हैं, वह स्वयं से बहुत दूर है, वह स्वयं पर कभी लौट नहीं पाता, वह दूसरों को प्रभावित करने में ही लगा रहता है. उसका सारा जीवन अभिनय ही हो जाता है. ऐसा व्यक्ति कभी भी सत्य को उपलब्ध नहीं हो सकता, उसकी यात्रा जीवन के विपरीत है.
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