सुविचार 2962
मन पर से अतीत की छापें हटा कर हम बदलने
और अपने भाग्य का निर्माण स्वयं करने का अवसर पा जाते हैं.
और अपने भाग्य का निर्माण स्वयं करने का अवसर पा जाते हैं.
जिससे अधिक फल प्राप्त होता है.
सोचो, आपके कार्य महान है या अधम ?
वैसे ही बुराइयों से भरे मनुष्य में उस की थोड़ी सी अच्छाई उस के सारे अवगुणों को ढक देती है.
जबकि अच्छा स्वभाव उसे आजीवन निभा सकता है.