सुविचार 2942

स्वंय की *गुणवत्ता* निखारने में किया गया समय व धन का *निवेश* कभी *व्यर्थ नहीं* होता.

*सच्ची* दौलत का प्रकाश *अंतर्मन* से निकल कर “अपने से जुड़े सभी लोगों” को *लाभान्वित* करता है!

जीवन भर अच्छा जीने के लिए..

_ खुद का ध्यान रखना और जीवन की गुणवत्ता को बचाए रखना पड़ता है.!!

आपके जीवन की गुणवत्ता आपके विचारों, विश्वासों, आदतों और दृष्टिकोण की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष प्रतिबिंब है.

The quality of your life is a direct reflection of the quality of your thoughts, beliefs, habits and perspective.

सुविचार 2941

“चुनौतियां जीवन को रोचक बनाती हैं.

और उन पर खरा उतर जाना, जीवन को सार्थक बनाता है.”

सुविचार 2939

ज़िस्म में और ज़िस्म से बाहर समाया मैं ही हूँ,

सारी कुदरत सामने जो कुछ नुमाया मैं ही हूँ.

सुविचार 2938

हममें से बहोत लोग बहुत सारा कूड़ा अपने दिमाग में भरे हुए चलते हैं, जिन चीजों की जीवन में कोई ज़रूरत नहीं होती, उनको मेहनत करके जोड़ते रहते हैं, जैसे क्रोध, घृणा, चिंता, निराशा आदि ; जब उनके दिमाग में इनका कूड़ा बहुत अधिक हो जाता है, तो वे अपना बोझ हल्का करने के लिए इसे दूसरों पर फेंकने का मौका ढूँढ़ने लगते हैं,

इसलिए ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखें और उन्हें दूर से ही मुस्कराकर अलविदा कह दें, क्योंकि अगर उन जैसे लोगों द्वारा गिराया हुआ कूड़ा हम स्वीकार कर लिए तो, हम भी कूड़ादान बन जायेंगे और अपने साथ साथ आसपास के लोगों पर भी कूड़ा गिराते रहेंगे.

कूड़ा सिर्फ कूड़े को ही नहीं कहते, बल्कि घर का वह सामान भी कूड़ा होता है जो सही ठिकाने नहीं रखा होता, इधर-उधर बिखरा रहता है, जिसके कारण घर एक बड़ा कूड़ेदान लगता है.

_ चीज़ें अपनी सही जगह पर रखी हों तो घर सँवरा हुआ अच्छा लगता है.
_ यह नहीं कि किसी मेहमान ने घर आना हो, तभी घर को सँवारें, अन्यथा क्या कूड़ेदान में रहते रहेंगे ?
– Manika Mohini
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