सुविचार 2885

जो आपको नीचे गिराने की कोशिश करता है, उस व्यक्ति पर तरस खाओ.

क्योंकि वह व्यक्ति पहले से ही आपसे नीचे है !

सुविचार 2884

दूसरों पर अपनी असफलता का दोष मढ़ने वाले

जिंदगी में कभी आगे नहीं बढ़ पाते हैं.

सुविचार 2883

– “हम विरोधी हो सकते हैं, दुश्मन नहीं।”

इस साधारण बात के मायने गहरे हैं. हर इंसान के लिए.. हम सबके लिए

सुविचार 2882

“what is understanding” “समझ क्या है”

बात समझ मे आ जाए तो करने को कुछ बाकी नहीं रह जाता

समझ ही करवा देती है जो करने योग्य है.

सुविचार 2881

*सफलता क्या है ??*

4 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपने कपड़ों को गीला नहीं करते।
8 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपने घर वापिस आने का रास्ता जानते है।
12 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपने अच्छे मित्र बना सकते है।
18 वर्ष की उम्र में मदिरा और सिगरेट से दूर रह पाना सफलता है।
25 वर्ष की उम्र तक नौकरी पाना सफलता है।
30 वर्ष की उम्र में एक पारिवारिक व्यक्ति बन जाना सफलता है।
35 वर्ष की उम्र में आपने कुछ जमापूंजी बनाना सीख लिया ये सफलता है।
45 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपना युवावस्था बरकरार रख पाते हैं।
55 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपनी जिम्मेदारियाँ पूरी करने में सक्षम हैं।
65 वर्ष की आयु में सफलता है निरोगी रहना।
70 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप आत्मनिर्भर हैं किसी पर बोझ नहीं।
75 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपने पुराने मित्रों से रिश्ता कायम रखे हैं।
80 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आपको अपने घर वापिस आने का रास्ता पता है।
और 85 वर्ष की उम्र में फिर सफलता ये है कि आप अपने कपड़ों को गीला नहीं करते।
अंततः यही तो जीवन चक्र है.. जो घूम फिर कर वापस वहीं आ जाता है जहाँ से उसकी शुरुआत हुई है।
और यही जीवन का परम सत्य है।
संभाल कर रखना अपने को..
👍👍👍👍🙏🙏🙏🙏

सुविचार 2880

भीतर क्या भरा पड़ा है, वही बाहर आएगा.

जिस सोच का संचय करेंगे, वही समय आने पर प्रकट होगा.

हम संचय उसी का करें जो प्रसन्नता बिखेरे.

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