सुविचार 2950
घोड़ा प्रथम वही आता है, जिसका सवार अच्छा हो.
परिवार आगे वही बढ़ता है, जहाँ मुखिया समझदार हो.
परिवार आगे वही बढ़ता है, जहाँ मुखिया समझदार हो.
अगर नहीं टकराये गलत से तो सही को कैसे पहचानोगे.
_ और अनुशासनहीन मन दुख की ओर ले जाता है.
बस एक व्यवहार और लगाव ही है, जो कभी बूढ़ा नहीं होता…..!!
पर अनचाही बात को, दिल से देवो निकाल.