सुविचार 2879
तजुर्बा एक ऐसी चीज़ है
जिसे हम बिना कुछ किये हरगिज़ नहीं पा सकते !!
जिसे हम बिना कुछ किये हरगिज़ नहीं पा सकते !!
दूसरे के दुख पर आधारित सुख आपको अंततः दुख में ही ले जायेगा.
जो इन्सान ये हुनर सीख जाता है वो कभी भी ? दुःखी नहीं हो सकता.
जिन्होंने प्रशंसा और निंदा में एक जैसा रहना सीख लिया हो.!!
उसकी आँखें रब की तरफ उठती हैं.