सुविचार 2920
” प्रेम ” कितना भी धीमा चले,
सृष्टि की सबसे लंबी दूरियाँ तय करता है..
सृष्टि की सबसे लंबी दूरियाँ तय करता है..
लेकिन मात्र हमारे सही होने से सामने वाला ग़लत नहीं हो जाता… !!”
वह इंसान बहुत से लोगों को अप्रिय लगने लगता है.
दुनिया में खुश रहने के बहाने बहुत हैं,,,
आपमें क्या झलकता है, यह उससे तय होती है.
और सबको मेरी जरुरत है यह भ्र्म है.