सुविचार 2849
किसी ने सही कहा है जो गरजते हैं वो बरसते नहीं,
इसलिए हमें कुछ भी करने से पहले उसकी चर्चा नही करनी चाहिए.
इसलिए हमें कुछ भी करने से पहले उसकी चर्चा नही करनी चाहिए.
उसे कभी दिमाग से जवाब मत देना.
चाहे आप कितने भी बड़े शतरंज के खिलाड़ी क्यों न हों.
“अधूरी और बेकार.!!”
_ और हमें नये काम के लिए प्रेरित करता है..
क्योंकि जब वो बदलता है, तो उससे ज्यादा गुस्सा खुद पर आता है.
इससे उलटा भी सही है, आप किसी को सुखी करके देखो, और आप पाओगे कि
सुख न मालूम कितने रूपों में आपके हृदय में भी गुंजरित हो उठा है.