सुविचार 2804
कांच का कटोरा, नेत्रों का जल, मोती और मन, ये एक बार टूटने पर पहले जैसे नहीं रह जाते.
सो, सावधानी बरतनी चाहिए.
सो, सावधानी बरतनी चाहिए.
_ज्यादा पूछने से पूंछ लग जाती है, और काम चौपट हो जाता है.!!
No matter what your current circumstances are, if you can imagine something better for yourself, you can create it.
जो हो रहा है उसे होने दो और बर्दाश्त करते जाओ,
या फिर जिम्मेदारी उठाओ उसे बदलने की.
आप तलाशते या तराशते क्या हो….