सुविचार 2765
निरंतर सजग और जागरूक रहनेवाला व्यक्ति ही
सही मायनों में अपने जीवन का सदुपयोग कर पाता है.
सही मायनों में अपने जीवन का सदुपयोग कर पाता है.
बात पता लग जाए तो उछालते हैं लोग,
बताना मत किसी को अपने घर का हाल ऐ यार,
अक्सर मौके का फायदा उठा लेते हैं लोग..
यह एक गहनतम तथ्य है कि हम जीवन में जितना झुकेंगे उतने ही जीवंत हो सकेंगे.
रिश्तों में माधुर्य तभी रह सकता है जब हम अपने अहम को परे रख कर ग़लती स्वीकारें और माफी माँगें.
सजा दे रहा है अगर वो, कुछ तो गुनाह रहा होगा.
जबकि खुले विचार आपको एक बादशाह बना कर रखेंगे.