सुविचार 2612

जिन्दगी में कुछ ख्वाहिशों का अधूरा रहना ही ठीक होता है,

क्योंकि उन ख्वाहिशों के कारण जिन्दगी जीने की चाहत बनी रहती है.

सुविचार 2611

जगत एक प्रतिध्वनि है सब कुछ वापस आ जाता है.

मर्जी आपकी, आप वापस क्या पाना चाहते हैं ?

सुविचार 2610

कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या योजना बना रहे हैं, आप कभी भी नहीं जान पाते हैं कि जीवन आपके के लिए क्या योजना बना रहा है.

सुविचार 2609

आप जहां भी हों, आप का जिस भी चीज से सामना हो, हर परिस्थिति में जो भी उत्तम है, उसे ले लें.

तब जीवन सीखने का एक सिलसिला बन जाता है.

सुविचार 2608

जब आप स्वयं अपने अन्दर शान्त रहते हैं, अपना काम शान्तिपूर्वक करते हैं और आप तनाव में विचलित नहीं होते तब आप पहले से कहीं ज्यादा अच्छा कर पाते हैं.

सुविचार 2607

जीवन गतिशील है. जितना अधिक जीवन होता है उतना ही उसमें लचीलापन होता है.

आप जितने अधिक सुनम्य होंगे, उतने ही अधिक जीवन्त होंगें.

महत्व इसमें नहीं है कि आप जीवन में वर्ष जोड़ते चले जाएँ,

_ खूबी तो तब है जब आप अपने वर्षों को जीवन्त बना लें.

यदि आप लचीले [ resilient.] हैं तो ऐसा कुछ भी नहीं है जो आपको रोक सके.
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