खून के संबंध से ही कोई, अपना नही होता है, प्रेम, सहयोग, विश्वास,
निष्ठा, सहानुभूति, सम्मान..ये ऐसे भाव हैं जो परायों को भी अपना बनाते हैं.
विश्वास करना तब मुश्किल हो जाता है जब वही लोग, आपके सम्मान को गंदा करते
है, जो आपके साथ हैं.
निष्ठा, सहानुभूति, सम्मान..ये ऐसे भाव हैं जो परायों को भी अपना बनाते हैं.