सुविचार 2728

लम्बी छलांगों से…कहीं बेहतर है…निरंतर बढ़ते कदम…

जो एक दिन आपको मंजिल तक ले जायेंगे.

सुविचार 2727

मानसिक शान्ति का आनन्द प्राप्त करने के लिए

_ मन को व्यर्थ की उलझनों में फँसने नहीं दो.

काम करो तो लगता है, कितना काम करेंगे.

_अपने लिए समय नहीं मिल रहा.
_जब समय मिलता है तो लगता है, कितना समय व्यर्थ हो रहा है.
_इससे अच्छा कुछ काम ही कर लिए होते.
_क्या ही हो गया है आदमी..
_अपने भीतर कितनी बकबक करता है..!!

सुविचार 2726

शब्द पारदर्शी होते हैं, उनकी पारदर्शिता को रंगीन कांच के टुकड़े मिलाकर नष्ट करना मूर्खता है.

सुविचार 2725

खुद को खोजिये, नहीं तो आपको दूसरे लोगों की राय पर निर्भर रहना पड़ेगा,

जो खुद को नहीं जानते.

सुविचार 2724

जो इंसान जितना खामोश रहता है,

वो अपनी इज्जत को उतना ही महफूज रखता है.

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