सुविचार 2723
सब इस पर निर्भर करता है कि आप जो कर रहे हैं, उसके प्रति आपका दृष्टिकोण क्या है.
दृष्टिकोण के बदलते ही, आपका कार्य एक उत्सव में बदल जाता है, जीवन की पूरी दिशा बदल जाती है.
दृष्टिकोण के बदलते ही, आपका कार्य एक उत्सव में बदल जाता है, जीवन की पूरी दिशा बदल जाती है.
उनमे उतरो, और अपनी सामर्थ्य को चुनौती दो,
तुम हैरान रह जाओगे की कितनी सामर्थ्य है तुममें.
किन्तु किसी को दुख न पहुँचे, यह तो आप के हाथ में ही है !!!
कि आपको हराने के लिए लोगों को कोशिशें नहीं…..साजिशें करनी पड़ें…
एक खुदा की इबादत ही थी जो, हर बार टलती गयी…
तो हमारा इंसान होना व्यर्थ है..