सुविचार 2738
“बातचीत”…..यूं तो शब्द ही है,
पर की जाए तो…..दिलों के कई मैल धुल जाते हैं.
पर की जाए तो…..दिलों के कई मैल धुल जाते हैं.
और जो आ रहा है, उसका स्वागत करो.
*आपका धैर्य* *जब आपके पास कुछ न हो..*
*आपका व्यवहार* *जब आपके पास सब कुछ हो…*
ऐसी ताकत बन जाओगे कि पहाड़ भी रास्ता देंगे.
*ठोकर* *इसलिए लगती है कि* *इंसान आगे संभल जाये.